3 MOTIVATIONAL STORIES IN HINDI जो आपकी ज़िंदगी बदल देंगी ।



होंसला बढ़ाने वाली 3 MOTIVATIONAL STORIES IN HINDI जो आपको निराशा से निकलकर सफलता का रास्ता दिखाएंगी |


  • हर काम अपने समय पर ही होता है

 

एक बार एक व्यक्ति भगवान् के दर्शन करने पर्वतों पर गया । जब पर्वत के शिखर पर पहुंचा तो उसे भगवान् के दर्शन हुए । वह व्यक्ति भगवान को देख कर बड़ा खुश हुआ ।

उसने भगवान से कहा – भगवान् लाखों साल आपके लिए कितने के बराबर हैं ?

भगवान ने कहा – केवल 1 मिनट के बराबर

फिर व्यक्ति ने कहा – भगवान् लाखों रुपये आपके लिए कितने के बराबर हैं ?

भगवान ने कहा – केवल 1 रुपये के बराबर

तो व्यक्ति ने कहा – तो भगवान क्या मुझे 1 रुपया दे सकते हैं ?

भगवान् मुस्कुरा के बोले – 1 मिनट रुको वत्स….हा हा

समय से पहले और भाग्य से अधिक न किसी को कुछ मिला है और न कुछ मिलेगा ।  हर काम अपने वक्त पर ही होता है ।  वक्त आने पर ही बीज से पौधा अंकुरित होता है, वक्त के साथ ही पेड़ बड़ा होता है, वक्त आने पर ही पेड़ पर फल लगेगा| तो दोस्तों जिंदगी में मेहनत करते रहो जब वक्त आएगा तो आपको फल जरूर मिलेगा ।


  • हाथी और रस्सी ( The Elephant and Rope )

 

एक आदमी रास्ते से जा रहा था। रास्ते में उसने एक हाथी देखा जो एक कमजोर रस्सी से बंधा हुआ था ।  हाथी को बंधा देख कर वह अचानक वहाँ रुक गया । उसे यह देख कर आश्चर्य हुआ कि एक इतना बड़ा जानवर एक कमजोर रस्सी के सहारे (“जो उसके अगले पैर के साथ बंधी है”) कैसे बंधा रह सकता है। न हीं कोई जंजीर, न हीं कोई पिंजड़ा। इस कमजोर रस्सी से सम्भव है हाथी कभी भी बंधन मुक्त हो सकता है, लेकिन वह ऐसा नहीं कर रहा इसके पीछे क्या कारण हो सकता है ?

उसने वहाँ एक हाथी का प्रशिक्षक देखा। उसने प्रशिक्षक से पूछा हाथी क्यों इस कमजोर रस्सी से बाधा हुआ खड़ा है और भागने का बिलकुल भी प्रयास नहीं करता  ?

 

हाथी के प्रशिक्षक ने जबाब दिया जब यह हाथी बहुत छोटा था तब मैं इसी रस्सी के सहारे इसे बाँधा करता था। तब ये रस्सी इतनी मजबूत थी की इसको पकडे रहती थी। और यह रस्सी तोड़कर भाग नहीं पाता था। इसने रस्सी को  तोड़ने के लिए बहुत प्रयास किया लेकिन इसका प्रयास विफल रहा । हारकर इसने रस्सी को तोड़ पाना असम्भव मान लिया और रस्सी पर जोर लगाना भी छोड़ दिया। धीरे धीरे यह बड़ा होता गया। इसे अभी भी लगता था कि यह रस्सी को तोड़ने में असमर्थ है । इसीलिए इसने रस्सी को तोड़ने का प्रयास नहीं किया। आज यह एक वयस्क बलवान हाथी है, लेकिन इसने रस्सी से हार मान ली है ।
आदमी यह सुनकर हैरान था ।  यह जानवर किसी भी समय रस्सी को तोड़कर अपने बंधन से मुक्त हो सकता है। लेकिन क्योंकि उसने मान लिया है कि, वह ऐसा नहीं कर सकता । अतः उसी कमजोर रस्सी के सहारे बंधन में है जिससे वह बचपन से बँधता आया था ।

इस हाथी की तरह ही, हममे से कितने ही लोग ऐसे है जो यह मान लेते हैं को वो जीवन में ये काम नहीं कर सकते क्योंकि पिछली बार हमने प्रयास किया था तो विफल रहे थे ।

पिछले बार आपका किसी काम में विफल होना ठीक उसी प्रकार  है जैसे अपने बाल्यावस्था में हाथी रस्सी को खींचकर तोड़ पाने में असमर्थ था।  लेकिन इस समय आप किसी काम को करने में समर्थ है लेकिन प्रयास नहीं कर रहे है यह जानकर की भूतकाल में आप विफल हुए थे। इस सोच को Elephant rope “हाथी की रस्सी” की संज्ञा दी गयी है।


  • इंसान कि कीमत

आपने कभी सोचा है कि आपके अपने नजरिए में आप की कीमत क्या है।क्योंकि दूसरे व्यक्तियों के नजरिये में आपकी कीमत कम या ज्यादा होती है।अक्सर दूसरे व्यक्ति के नजरिए में आपकी कीमत नहीं होती,बल्कि कीमत होती है जरूरत की,जरूरत खत्म तो कीमत खत्म।कदर अक्सर आप जिस स्थिति में होते हैं उस स्थिति की होती है,मतलब आप अमीर है या गरीब है,आप सफल इंसान है या असफल।इसीलिए अपने आप को ऐसा बनाये की, ‘आप जहाँ हो वहां सब आपसे प्यार करे,आप वहाँ से दूर हो तो सब आपको याद करे और आप जहाँ जाने वाले हैं वहाँ सब आप का इंतजार करें’।यह सब करने के लिए आपको आपकी कीमत उतनी बढ़ानी है ।

इसी बात को समझाने के लिए आपको एक प्रेरणादायी कहानी – Motivational Story in Hindi बताता हूँ ।

एक बुजुर्ग व्यक्ति और 4-5 बच्चे बैठे थे।बच्चों को इंसान की कीमत सिखाने के लिए उन्होंने अपनी सोने की अंगूठी निकाली।
उन्होंने बच्चों को पूछा,”किस को यह अंगूठी चाहिए”,
तो सब बच्चों ने हाथ उठाया।फिर उस बुजुर्ग ने उस अंगूठी को नीचे जमीन पर मिट्टी में फेंक दिया।
अब फिर उन्होंने पूछा,”किस को यह अंगूठी चाहिए?”
उसके बाद भी सब बच्चों ने हाथ उठाया।

फिर उस बुजुर्ग ने उस अंगूठी को थोड़ा और खराब किया,और फिर वही सवाल पूछा।लेकिन फिर भी बच्चों की तरफ से वही जवाब मिला।तो वो बुजुर्ग ने कहा,मैंने पहले सोने की अंगूठी निकली और सबको पूछा किसे चाहिए तो सबने हाथ उठाया।फिर मैंने उस अंगूठी को दो बार खराब किया तब भी सबने उस अंगूठी को लेने के लिए हाथ उठाया ।

इससे यह सिख मिलती है, दूसरों द्वारा हमारी कीमत कम करने की कितनी भी कोशिश की जायें, हमारी कीमत तब तक कम नहीं होती जब तक हम अपनी कीमत कम नहीं करते।इसीलिए अपनी जिंदगी में ऊँचे से ऊंचा स्थान हासिल करने की कोशिश करें,और अपनी कीमत इतनी बढ़ाये की कोई आपकी कीमत कम ना कर सके।कभी भी बिना प्रयास करें हार मत मानिये,हमेशा प्रयास करते रहे,कभी ना कभी आपके प्रयास का फल आपको जरूर मिलेगा।



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Post Author: sudhir singhmar

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