अच्छे लोग हमेशा दुःख और परेशानियां क्यों पाते हैं, क्या आप जानते हैं । TOP BEST MOTIVATION 2018

अच्छे लोग हमेशा दुःख और परेशानियां क्यों पाते हैं, क्या आप जानते हैं :-



अक्सर लोग यह सवाल पूछते हैं कि अच्छे लोगों को ही हमेशा दुख और परेशानियां क्यों आती है । मुश्किल समय में अपना उत्साह कैसे बनाए रख सकते हैं । स्वामी विवेकानंद और गुरु रामकृष्ण परमहंस के बीच हुई बातचीत पर आधारित है ।



एक बार स्वामी विवेकानंद ने अपने गुरु रामकृष्ण परमहंस से कई सवाल पूछे,  इनके जवाब जिंदगी की कई मुश्किलें आसान कर देते हैं । यह सभी सवाल आपके जीवन से भी संबंधित है । रामकृष्ण परमहंस ने स्वामी विवेकानंद को जो जवाब दिए हैं, वह आपके भी काम आएंगे । जानिए महान गुरु और महान शिष्य के बीच हुए सवाल जवाब |



  1. स्वामी विवेकानंद ने रामकृष्ण परमहंस से पूछा अच्छे लोगों के जीवन में दुख ज्यादा क्यों आते हैं ?

रामकृष्ण परमहंस ने इस सवाल के जवाब में कहा,  हीरा रगड़े जाने पर ही चमकता है, सोने को शुद्ध होने के लिए आग में तपना पड़ता है | अच्छे लोग दुख नहीं पाते हैं बल्कि इम्तिहानों से गुजरते हैं, अनुभव से उनका जीवन बेहतर होता है, बेकार नहीं होता | दुखों घबराना नहीं चाहिए बल्कि इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि इनको कैसे दूर कर सकते हैं, परेशानियों को दूर करने के रास्ते खोजने चाहिए, जबकि लोग दुखों से डर जाते हैं और इनसे निपटने के लिए कुछ भी नहीं करते हैं और अपनी किस्मत को कोसना शुरू कर देते हैं, जिससे जीवन और ज्यादा दुखी हो जाता है परेशानियों को दूर करो उनसे सीख लो और आगे बढ़ो


2.  स्वामी विवेकानंद ने पूछा मैं समय नहीं निकाल पाता जीवन आपाधापी से भर गया है 

परमहंस जी ने जवाब दिया गतिविधियां तुम्हें घिरे रहते हो,  लेकिन उत्पादकता आजाद करती है, इसका मतलब यही है कि हमारे जीवन में बहुत कुछ होता रहता है, हम जरूरी और गै्र जरूरी कामों में फर्क नहीं कर पाते हैं, जो काम जरूरी नहीं है जिनसे हमें कोई लाभ नहीं मिलता है, उन कामों में समय व्यर्थ गंवाना नहीं चाहिए बल्कि जो काम सही है जिनसे कोई परिणाम मिलता है उस काम पर केंद्रित होने की आवश्यकता है | सही काम को कम से कम समय में कैसे कर सकते हैं, इस बात को समझना चाहिए इसके बाद तुम्हारे पास समय की कोई कमी नहीं रहेगी |


3.  स्वामी जी ने फिर पूछा आज जीवन इतना जटिल क्यों हो गया है ?

परमहंस जी ने कहा जीवन में क्या भला है क्या बुरा इसका विश्लेषण करना बंद कर दो, यहां से जटिल बना देता है सिर्फ जीवन को जियो


4.  स्वामी जी ने कहा फिर हम हमेशा दुखी क्यों रहते है ?

परमहंस जी ने कहा परेशान होना तुम्हारी आदत बन गई है इसी वजह से तुम खुश नहीं रह पाते स्वामी जी ने फिर पूछा आपका मतलब है कि ऐसा अनुभव उपयोगी होता है परमहंस जी ने कहा था हर लिहाज से ऐसे अनुभव एक कठोर शिक्षक की तरह होते हैं पहले वह इम्तिहान लेता है और फिर देता है


5.  स्वामी जी ने पूछा समस्याओं से घिरे रहने के कारण हम जान भी नहीं पाते हैं कि किस तरफ जा रहे हैं

परमहंस जी ने कहा अगर तुम आज आओगे तो जान नहीं पाओगे कि कहां जा रहे हो अपने भीतर झांक कर देती हैं राह दिखाता है स्वामी जी ने पूछा क्या असफलता सही राह पर चलने से ज्यादा कष्टकारी है परमहंस जी ने कहा सफलता वह पैमाना है जो दूसरे लोग करते हैं संतुष्टि का पैमाना तुम खुद करते हो


6.  स्वामी जी ने फिर पूछा मुझे मुश्किल समय में कोई अपना उत्साह कैसे बनाए रख सकता है ?

परमहंस जी ने जवाब दिया हमेशा इस बात पर ध्यान दो कि तुम अब कितना चल पाए बजाय इसके कि अभी और कितना चलना बाकी है, जो कुछ पाया है हमेशा उसे गिनो, जो हासिल नहीं हुआ है उस से गिनना छोड़ दो


7.  स्वामी जी ने फिर पूछा लोगों की कौन सी बात आपको हैरान करती है ?

परमहंस जी ने जवाब दिया जब भी वह कष्ट में होते हैं तो पूछते हैं कि मैं ही क्यों, 

जब वह खुशियों में डूबे रहते हैं तब यह नहीं सोचते कि मैं ही क्यों यह बात मुझे सबसे ज्यादा हैरान करती है, क्योंकि दुःख में व्यक्ति खुद को सबसे ज्यादा दुखी समझता है, लेकिन खुशियों के समय वहां यह बात भूल जाता है कि उसके जीवन में खुशियां भी आती है और वह दूसरों से ज्यादा खुश रहता है | इसीलिए यह बात मुझे सबसे ज्यादा हैरान करती है


8.  स्वामी जी ने पूछा मैं अपने जीवन से सर्वोत्तम कैसे हासिल कर सकता हूं ?

परमहंस जी ने जवाब दिया बिना किसी अफसोस के अपने अतीत का सामना करो, पूरे आत्मविश्वास के साथ वर्तमान को संभालो और निडर होकर भविष्य की तैयारी करो | इस प्रकार जिओगे तो आप आपके जीवन को सर्वोत्तम बना सकते हो |


9.  स्वामी जी ने फिर पूछा एक आखरी सवाल कभी-कभी मुझे लगता है कि मेरी प्रार्थना है बेकार जा रही है | Set featured image

परमहंस जी ने जवाब दिया कोई भी प्रार्थना बेकार नहीं जाती | अपनी आस्था बनाए रखो और डर को पड़े रहो | जीवन एक रहस्य है, जिसे तुम्हें खोजना है | यह कोई समस्या नहीं है जिसे तुम्हें सो जाना है मेरा विश्वास करो अगर तुम यह जान जाओगे जीना कैसे हैं तो जीवन सचमुच बेहद आश्चर्यजनक है |



तो दोस्तों यह रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानंद के बीच हुए सवाल जवाब यह सभी सवाल जवाब आपके जीवन से भी जुड़े हुए हैं जिनमें आप अपनी समस्याओं के हल भी खोज सकते हैं




NOTE ⇒ हमारा उद्देश्य ज्ञान को बांटना (share) है और यह काम हम अकेले नहीं कर सकते क्योंकि इस दुनिया का सारा ज्ञान हमारे पास नहीं है और हम भी आपकी तरह एक ही सामान्य व्यक्ति है जो दिन में खुली आँखों से सपने देखते है और उन्हें पूरा करने के लिए कोशिश करते रहते है | दोस्तों ज्ञान बांटने से बढ़ता है इसलिए आप भी HINDI के इस अनमोल मंच से जुड़े एंव अपने ज्ञान को हमारे साथ share करें, हम आपके द्वारा भेजे गए सभी अच्छे लेखों को Website पर publish करेंगे| आप अपने लेख हमें Whattsapp Number ( 85569-78342 ) पर भेज सकते है
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Post Author: sudhir singhmar

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